फैलोपियन ट्यूब के रुकावट के बारे में जाने डॉ राठी से

फैलोपियन ट्यूबों (Fallopian Tube in Hindi) को गर्भाशय (Uterus) ट्यूब भी कहा जाता है जो गर्भाशय के दोनों तरफ होती है और अंडाशय (Ovary) से परिपक्व निकले अंडे को गर्भाशय में उस समय मौजूद सक्रिय शुक्राणु से मिलाती है। फैलोपियन ट्यूब में रूकावट (Fallopian Tube Blockage in Hindi) होने के कारण अंडा गर्भाशय तक नहीं पहुँच पाता है और ना ही शुक्राणु अंडे तक पहुँचने में सफल हो पाता है जिस कारण प्रजनन की प्रक्रिया अधूरी रह जाती है। इस प्रक्रिया के असक्षम होने से गर्भावस्था पर भी कई तरह के प्रभाव पड़ते हैं। ब्लॉकेज की समस्या एक या दोनों ट्यूबों में हो सकती है और 40% मामलों में महिलाओं में बांझपन का कारण फैलोपियन ट्यूब ब्लॉकेज है।

फैलोपियन ट्यूब में रुकावट के लक्षण (Fallopian Tube Block Hone Ke Lakshan)

ज्यादातर महिलाओं को यह भी नहीं पता होता कि उनकी ट्यूब में किसी भी तरह की समस्या हो सकती है, जब तक कि वह गर्भवती होने की कोशिश नहीं करती।

फैलोपियन ट्यूब बंद होने के लक्षण (Fallopian Tube Band Hone Ke Lakshan) हो सकते है, जैसे- पेशाब में दर्द, पीरियड्स के समय दर्द और यौन क्रिया के दौरान दर्द हो सकता है। यदि ऐसा महसूस होता है तो डॉक्टर से परामर्श करना उचित है।

एक प्रकार की अवरुद्ध फैलोपियन ट्यूब जिसे हाइड्रोसाल्पिनक्स (Hydrosalpinx) कहा जाता है (यह आने वाले संक्रमण/ पैथोलॉजी का संकेत है) जिससे ट्यूब में सूजन और तरल पदार्थ भर जाते हैं। पेट में दर्द, श्रोणि दर्द (Pelvic Pain) और असामान्य योनि डिस्चार्ज (Vaginal Discharge) हो सकता है।

फैलोपियन ट्यूब ब्लॉक का कारण

अगर किसी महिला की एक फैलोपियन ट्यूब ब्लॉक है तो उसके पीछे की समस्या क्या है, इस बारे में पता करने के लिए एक फर्टिलिटी विशेषज्ञ से मिलना चाहिए। फैलोपियन ट्यूब ब्लॉक होने के पीछे कई कारण हो सकते है। जैसे-

  • एक इन्फ्लैमेटरी श्रोणि रोग जो टिशू यानि ऊतकों में निशान (Scar Tissues) और संक्रमणों (Infections) को जन्म दे सकता है और जो ट्यूब में अवरुद्ध करने वाले हाइड्रोसल्पिनक्स (Hydrosalpinx) का कारण बन सकता है।
  • यौन संक्रमित बीमारियां क्लैमिडिया (Chlamydia), गोनोरिया (Gonorrhoea) ट्यूबों को ब्लॉक कर सकती है।
  • टी.बी (Tuberculosis) फैलोपियन ट्यूबों और गर्भाशय में गर्भधारण की संभावनाओं को प्रभावित करता है।
  • यदि फैलोपियन ट्यूबों में पहले कभी सर्जरी हुई हो, तो यह ब्लॉकेज का कारण हो सकता है।
  • अस्थानिक गर्भावस्था (Ectopic Pregnancy) के लिए किया गया पूर्व ऑपरेशन भी फैलोपियन ट्यूब रुकावट के कारणों में से एक है।
  • गर्भाशय के निकट जुड़े फाइब्रॉएड की वृद्धि फैलोपियन ट्यूबों में ब्लॉकेज उत्पन्न कर सकती है।
  • एंडोमेट्रियोसिस (Endometriosis) की समस्या में एंडोमेट्रियल टिशू (Endometrial tissue) फैलोपियन ट्यबों में जमा हो सकते है और एक अवरोध पैदा कर सकता है। अन्य अंगों के बाहरी हिस्सों पर एंडोमेट्रियल ऊतकों (Endometrial tissues) के विकास के कारण आसंजन (Adhesions) भी एक ट्यूबल अवरोध पैदा कर सकते हैं।

कई बार फैलोपियन ट्यूबों में रुकावट का एक दुर्लभ कारण जन्मजात से ट्यूब में ब्लॉकेज हो सकता है।

फैलोपियन ट्यूब में रुकावट के लिए उपचार (Fallopian Tube Blockage Treatment in Hindi)

एक फैलोपियन ट्यूब बंद होने के बावजूद भी महिला को गर्भावस्था का मौका मिल सकता है। सामान्य रूप से फैलोपियन ट्यूब में दो प्रकार से रुकावटें हो सकती हैं। यदि एक फैलोपियन ट्यूब अवरुद्ध हो जाती है, तो ऐसे में महिलाएं फिर भी गर्भवती हो सकती हैं क्योंकि एक अंडा अभी भी दूसरी फैलोपियन ट्यूब के माध्यम से गर्भाशय तक पहुँच सकता है। हालाँकि, यदि दोनों ट्यूब पूरी तरह से ब्लॉक हैं, तो उपचार के बिना गर्भधारण होना संभव नहीं होगा।

फैलोपियन ट्यूब रुकावट का उपचार समस्या की गंभीरता पर निर्भर करता है।

  • अगर ट्यूब में पहले भी ऑपरेशन हुआ है तो ऊतकों पर निशान होने से फैलोपियन ट्यूब अवरुद्ध हो सकती है। निशान बहुत जटिल ना हो और मात्रा में कम हो, तो लेप्रोस्कोपी सर्जरी (Laparoscopy surgery) करके ब्लॉकेज को निकाला जा सकता है।
  • क्षतिग्रस्त फैलोपियन ट्यूब (Damaged Fallopian tube) को ठीक करने के लिए सर्जरी की जा सकती है।
  • यदि ट्यूब बहुत गंभीर रूप से क्षतिग्रस्त (Damaged) हैं तो यह फर्टिलिटी को प्रभावित कर सकती है। इसके बचाव के लिए आई वी एफ तकनीक (IVF Technology) के साथ आगे बढ़ने की सलाह दी जा सकती है।

आयुर्वेदिक इलाज

आयुर्वेदिक उपचार से बिना शल्य क्रिया से फैलोपियन ट्यूब की समस्या से निपटा जा सकता है । इसमें आयुर्वेदिक जड़ी बूटियों की बनी औषधि का सेवन नियमित कराया जाता है । आयुर्वेद में इस बीमारी में उत्तर बस्ती नामक ट्रीटमेंट काफी लाभदायक माना गया है । इस ट्रीटमेंट में योनि मार्ग से औषधीय तेलों को प्रजनन अंगों पर पहुंचाया जाता है । इसके अलावा वाताफाटमका और त्रिदशोगना आदि औषधियों का रोजाना इस्तेमाल करना लाभकारी होता है ।

विटामिन सी का प्रयोग — आयुर्वेद के अनुसार फैलोपियन ट्यूब खोलने में विटामिन सी काफी सहायक होता है । विटामिन सी इन फलों में प्रचुर मात्रा में पाया जाता है जैसे – संतरा, नींबू, कीवी जो हमारे शरीर में विटामिन सी ( vitamin c ) की कमी को पूरा करते हैं ।

हल्दी का प्रयोग – हल्दी में करक्यूमिन नाम का पोलीफेनॉल्स पाया जाता है । जो फैलोपियन ट्यूब ब्लॉकेज (fallopian tube blockage) जैसी प्रॉब्लम से बचाती है ।

अदरक – अदरक का रस मासिक धर्म के दौरान होने वाले दर्द को कम करती है और नियमित रूप से सेवन करने पर ब्लोकेज की प्रॉब्लम हल होती हैं ।

अश्वगंधा की छाल का प्रयोग – अश्वगंधा की छाल का चूर्ण  गर्म पानी के साथ रोजाना दिन में 1 चम्मच 2 बार पीने से धीरे-धीरे ब्लोकेज ( Blockage) खुलने लगते हैं ।

योग साधना – आयुर्वेद में योग के द्वारा ब्लोकेज खोलने का विधान बताया गया है । योगासन किसी अच्छे एक्सपर्ट की देखरेख में किया जाए तो 3 महीने में रिजल्ट सामने आ जाता है । बिना सर्जरी ब्लोकेज खुल जाते है ।

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