बवासीर को जड़ से खत्म करने उपाय जाने डॉ राठी से

Dr. Narendra rathi

डॉ राठी कहते है कि बवासीर को यूं तो एक स्वास्थ्य समस्या माना जाता है, लेकिन वास्तव में यह काफी कष्टकारी होती है। इस समस्या में आपकी गुदा व मलाशय की नसों में सूजन आ जाती है। जिसके कारण व्यक्ति को दर्द, खुजली या कभी−कभी गुदा से खून भी निकलता है। बवासीर का एक मुख्य कारण कब्ज है। यह समस्या आमतौर पर उन लोगों में अधिक देखने को मिलती है, जिन्हें लंबे समय तक बैठकर काम करना पड़ता है। हालांकि इस समस्या से निजात पाने के लिए आप हमसे संपर्क भी कर सकते है +919868282982 जिसमें हम आपको बताएंगे की कुछ घरेलू उपायों की मदद से भी इसका इलाज किया जा सकता है। तो चलिए जानते हैं बवासीर का इलाज करने के लिए कुछ घरेलू उपायों के बारे में

मलाशय के आस-पास की नसों में सूजन की वजह से बवासीर यानी कि हैमराइड की समस्या होती है। इसकी सबसे प्रमुख वजह खान पान का अनियमित होना है। बवासीर दो तरह की होती है। अंदरूनी बवासीर में नसों की सूजन दिखाई नहीं देती जबकि बाहरी बवासीर में यह गुदा के बिल्कुल बाहर दिखाई देती है। इस बीमारी में जब मलत्याग किया जाता है तब अत्यधिक पीड़ा और फिर रक्त स्राव की समस्या होती है। कुछ आयुर्वेदिक औषधियां इसके उपचार में बहुत मददगार हैं। इनके इस्तेमाल से बवासीर से पूरी तरह से छुटकारा पाया जा सकता है ।

बवासीर को करे जड़ से खत्म

एलोवेरा

बवासीर के इलाज के लिए एलोवेरा का इस्तेमाल सालों से किया जाता रहा है। दरअसल, इसमें एंटी−इंफलेमेटरी गुण पाए जाते हैं, जो जलन को कम करने में मदद करते हैं। बवासीर के इलाज के लिए आपको एलोवेरा के पौधे से जेल निकालकर उसका ही उपयोग करना चाहिए। हालांकि इस नुस्खे को आजमाने वाले कहते हैं कि कुछ लोगों को एलोवेरा से एलर्जी होती है। इसलिए पहले आप इसे अपने बाजू पर रगड़कर पहले चेक कर लेना चाहिए। अगर आपको कोई प्रतिक्रिया नहीं होती है तो आप इसका इस्तेमाल आसानी से कर सकते हैं।

कोल्ड कंप्रेस

बवासीर की समस्या में अक्सर गुदा मार्ग में सूजन आ जाती है। ऐसे में सूजन से राहत पाने के लिए आईस पैक या कोल्ड कंप्रेस का इस्तेमाल करना एक अच्छा विचार है। बड़े बुजुर्गों के अनुसार, जलन या सूजन होने पर कोल्ड कंप्रेस एक बेहद ही प्रभावी उपचार साबित हो सकता है। इसलिए बवासीर के इलाज के लिए भी कपड़े या पेपर टॉवल के अंदर बर्फ लपेंटे और प्रभावित स्थान पर कुछ देर के लिए रखें। हालांकि इस नुस्खे को आजमाते समय कभी भी बर्फ को सीधे ही इस्तेमाल ना करें।

मल सॉफ्टनर

नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ डायबिटीज एंड डाइजेस्टिव एंड किडनी डिजीज के अनुसार, स्टूल सॉफ्टनर या फाइबर सप्लीमेंट जैसे साइलियम कब्ज से राहत दिलाने और स्टूल को नरम बनाने में मदद कर सकते हैं और इससे तेज, दर्द रहित मल त्याग करने में आसानी होती है। चिकित्सकों के अनुसार, इनमें से कई मल सॉफ़्नर पाउडर, कैप्सूल और तरल पदार्थ जैसे रूपों में आते हैं, जिन्हें आप दिन में एक से तीन बार मुंह के द्वारा लेते हैं।

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